Wednesday, July 22, 2009

दस साल और हम


आज से ठीक 10 साल पहले, 22 July 1999 को, हम लोग एक confused choice (ज़्यादातर के लिए) के चलते एक बहुत बडी युनिवर्सिटी के बडे बडे होस्टलों में घुसे थे. उस समय तो रैग़िंग भी होती थी (strip शब्द मैंने वहीं सीखा, सबसे पहले दिन ही) और इस महीने में बारिश भी (अब सुना है दोनों ही नहीं होते). अगले चार साल सबने कुछ ना कुछ पाया, ना चाह्ते हुए भी काफी कुछ सीखा, बहुतों ने ज़िन्दगी भर के रिश्ते बनाए, बहुतों ने ज़िन्दगी भर की समझ.

आज ऐसे ही मन किया कि सबको याद कर लिया जाए, सीधे बात कर के ना सही तो एक चिट्ठी जैसा भेजकर (वैसे हम जब BHU पहुँचे थे, तब ईमेल भी नहीं था. हम सच में अपने-अपने घरों में चिट्ठी लिखते रहने का वादा कर के आए थे) एक 'landmark-type' चीज़ को celebrate कर लिया जाए. वैसे नंबर उतने मायने नहीं रखते (BHU ने ये भी सिखाया है) पर फिर भी दस साल काफी होते हैं ये मानने के लिए कि एक लंबा वक़्त बीत चुका है और मुड के देखने के लिए काफी है.

भले ही पूरे 500 लोगों के बैच में मेरा सबसे रिश्ता नहीं रहा, शायद बहुत से लोग होंगे जो मुझे या मैं उन्हें नहीं पहचानता हूँ, पर सच यही है कि उन चार सालों में, हम लोग एक ही दायरे में, एक ही हवा-पानी-VT के इर्द-गिर्द, एक सी उम्मीदें, बेवकूफियाँ, और साइकिलें लिए उन्हीं गिनी-चुनी सडकों पर चल रहे थे. '99' के नाम से ही हम शुरु होते थे और 500 टुकडों में होने के बाद भी, 99 की कडी हमें जोड देती थी.

तो एक नंबर के ज़रिए मैं सिर्फ उस चीज़ को ही याद कर रहा हूँ जो नंबर-less है - वहाँ के 4 साल, जो आज शुरु हुए थे. लग रहा है अचानक से उतना ही kiddish, sentimental सा बयान हो गया जैसा उस समय हो सकता था. पर आज, I don't mind that.

1999-2003 वालों...मुबारक!

- वरुण (990320)

13 comments:

Ashutosh said...

Very emotionally said...

Animesh said...

good times man. Good times.

Animesh
(990010)

viv said...

Very nice Varun!

Vivek
992109

SumeetandSubarna said...

Varun bhai ne Mental logo ko aaj Senti kar diya .
"Zor Laga ke Haiyya" :-)

-Chawla
(Forgot his Roll Number , shayad 992107 , Vivek's minus 2)

Braveheart said...

Thanks Varun. I had goosebumps reading your post. I could easily relive the feelings of that kid walking into an "unknown" with so many apprehensions.

Those were some wonderful times. Time machine anyone? I want to go back. :)

Luv
(990441)

Ankit said...

Decad(e)ance, sigh! :)

Ankit
990410

Anonymous said...

I still get dreams of the college life...I cant get past it...I need that life in the future...and I will get it...
Thanks for writing such a wonderful post...
-Himanshu Bhalla(CSE03)

Varun said...

@Ashutosh
Haan yaar...aur koi tareeka bhi nahin tha.

@Animesh
Bilkul. Best times!

@Vivek
I still remember your dance moves in the Vish lobby...second year sometime.

@Chawla
Thanks for making us swing many many times...

@Luv
You surely were a kid....:P And I want to go back so bad...

@Ankit
Sighs are all we carry forward.

@Bhalla
Yes...BHU dreams are so recurrent and they always leave me in sadness for days.

I will be going back very soon...for a longish trip, sometime in September.

Ankit said...

And from someone who was the same point in time (i.e. 10 years out of his college), here are tips for 50 things to do in college. :)

http://www.mitadmissions.org/topics/life/workplay_balance_at_mit/50_things.shtml

Maal said...

Cool one Varun...Definitely reminded me of my first day in college and the rubaroo with ragging...

धीर. said...

varun sir ...सर्वप्रथम स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देना चाहूँगा ...
I will introduce myself...I am Dharmendra Chaturvedi ,from 3rd yr electronics,IT-BHU.

आपने students की जिन-जिन मनःस्थितियों और कॉलेज की जिन-जिन परिस्थितियों का जिक्र किया है..वे बिना किसी खास परिवर्तन के अभी भी बरकरार हैं ..मसलन IT-BHU में प्रवेश के समय अभी भी असमंजस की स्थिति रहती है ..हमारे ज्ञानकोष में वृद्धि भी ragging के द्वारा ही हुई थी,पर इस बार कुछ अनापेक्षित घटनाएँ घटित हुई जिनसे college चर्चित हुआ.फिलहाल ragging बिल्कुल बंद है. पहली बारिश इस बार परसों यानी जन्माष्टमी के दिन हुई.VT और गमछा के इर्द-गिर्द चक्कर उसी तल्लीनता और एकता के साथ लगाते है,वही आबो-हवा है,वही किताबें बाटने वाले बाबा हैं ....उम्मीदें भी एक सी हैं और बेवकूफियों का तो हमें अंदेशा नहीं,फिलहाल अनजान हैं ..उम्मीद है आप बतायेगे

आज यूँ ही घूमते-घूमते यहाँ आ पहुँचा ,आपको अपना alumni जानकर बहुत प्रसन्नता हुई..आपकी लिखी कुछ stories पढ़ी,बेहद प्रयोगशील और आधुनिक लिखते हैं आप,
और पीयूष मिश्रा वाला interview शानदार था .मुझे तो पहली बार मौका मिला उनका interview पढ़ने का ..शुक्रिया

warm regards
Dharmendra (07000562)
dharmendra.chaturvedi.ece07@itbhu.ac.in

hitesh said...

its really been nice reading your comments and really a decade has gone to all this but memories are as fresh as it is of yesterday only...............chalo sabhee bhai logo to mubarak..............

hitesh pandya
990201(chem kholu)

paulami said...

wow!!!